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तीन माह से नहीं मिला मानदेय

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ब्यूरो, अमर उजाला/विकासनगर
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गत मार्च से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने परिवार के भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार कभी भी समय पर मानदेय मुहैया नहीं कराती है, जिससे उन्हें परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ता है। जबकि उनसे बाल विकास विभाग के इतर भी कई राष्ट्रीय और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में काम लिया जाता है।
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बाल विकास विभाग के अधीन संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मार्च से अभी तक मानदेय नहीं दिया गया है। गोपनीयता की शर्त पर कार्यकर्ताओं ने बताया कि आठ घंटे कार्य करने के बावजूद उन्हें श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। सरकार द्वारा जो मानदेय दिया जाता है उसका भी भुगतान समय पर नहीं किया जाता है। जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के साथ ही उनसे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, बाल गणना सहित अन्य कई योजनाओं के तहत काम लिया जाता है। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। बताया कि अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद मानदेय के अभाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने बच्चों का प्रवेश नए विद्यालयों में नहीं करा पा रहे हैं।
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उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी क्षमा बहुगुणा ने बताया कि शासन की ओर से बजट जारी कर दिया गया है। शीघ्र ही मानदेय आहरित कर दिया जाएगा।
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