ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
उच्च शिक्षा परिषद की बैठक लेते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों को स्थानीय कला, शिल्प और उद्यमों पर आधारित कोर्स चलाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक, आर्थिक व सामाजिक जीवन से जुड़े पाठ्यक्रमों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
सोमवार को सचिवालय में परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के तहत सभी कार्य 15 अगस्त से पहले पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने रूसा फेज-2 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्तर से स्वीकृत योजनाओं पर चर्चा की। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य की आवश्यकताओं व उपलब्धताओं को देखते हुए नए पाठ्यक्रम चलाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में रिक्त 172 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है। डॉ. रावत ने कहा कि अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर तेजी से काम होना चाहिए। विभागीय मंत्री ने बायोमैट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालयों को जुलाई-अगस्त में नैक से मान्यता के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में उच्च शिक्षा उन्नयन समिति की उपाध्यक्ष दीप्ति रावत, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।