ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
चकराता। क्षेत्र के एक हजार से अधिक की आबादी वाले तीन गांवों केतरी, शिबऊ और घिंगऊ में पिछले एक महीने से पेयजल संकट गहराया हुआ है। गांव में स्थित पेयजल स्त्रोत भी सूख चुके हैं। इससे गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने तक टैंकरों से आपूर्ति करने की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि केतरी गांव में पेयजल के दो स्रोत थे, लेकिन वह भी सूख गए हैं। वहीं, शिबऊ और घिंगऊ के लिए टगरी गांव से बिझाई गई पाइपलाइन में भी पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते तीनों गांवो की एक हजार से अधिक की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आसपास कोई प्राकृतिक जल स्रोत भी नहीं है। इससे उन्हें टैंकरों के माध्यम से 35 किलोमीटर दूर ग्वासा पुल से खुद के खर्च पर पानी मंगाना पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उधर, चकराता तहसीलदार केएस नेगी का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।