जल और नभ के बाद अब थल का हिस्सा बने नरेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नहीं! मैं इसके लिए नहीं हूं! मुझे अफसर बनना है! अफसर! अफसर! केवल अफसर!... जोधपुर के नरेंद्र के जहन में हर वक्त यही बातें कौंधती थीं। यही कारण था कि पहले नेवी में सैनिक बने नरेंद्र अफसर बनने की चाह में वायु सेना में भी चले गए। वायु सेना में भी उनके सपनों को पंख नहीं लग सके। लिहाजा, अब अगला पड़ाव थल सेना ही बची थी। इस बार नरेंद्र के प्रयास ने उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचा दिया और एसीसी के माध्यम से भर्ती होकर शनिवार को आईएमए में अंतिम पग पार कर वे अफसर बन ही गए।
राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले नरेंद्र सिंह सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे इंटरमीडिएट के बाद बतौर सैनिक नेवी में भर्ती हुए थे। इसके बाद एयर फोर्स में टेक्निकल भर्ती के माध्यम से शामिल हो गए। नरेंद्र ने आईएमए परेड के बाद बताया कि वे हमेशा से अफसर बनना चाहते थे। इसलिए हर वक्त उनके जहन में बस यही बात घूमती थी कि अफसर कैसे बना जाए? तीन साल पहले एयरफोर्स में रहते हुए उन्होंने एसीसी एग्जाम पास किया और आईएमए पहुंच गए। जब एसीसी पास किया, तब लगा कि हां अब मैं अफसर बन गया हूं। नरेंद्र के अनुसार सपने सब साकार होते हैं, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत भी उसी आकार में की जाए जितने आकार के आपके सपने हैं।