ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
कालसी। क्षेत्र में अवैध रूप से स्टोन क्रशर के संचालन का आरोप लगा रहे ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर पर प्रदर्शन कर इसका काम बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर लोगों को खुद स्टोन क्रशर बंद कराने को मजबूर होना पड़ा है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में 11 जून 2015 को स्टोन क्रशर शुरू किया गया था, जिसकी निर्धारित अवधि 30 जून 2018 को पूर्ण हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी बगैर नवीनीकरण के धड़ल्ले से इसका संचालन किया जा रहा था। बताया कि स्थानीय प्रशासन से भी इसकी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन नियम विरुद्ध स्टोन क्रशर का संचालन होता रहा। स्थानीय निवासी विक्रम सिंह तोमर और जीवन सिंह ने बताया कि स्टोन क्रशर से प्रदूषित जल भी सीधे यमुना नदी में डाला जा रहा था। वहीं, क्रशर की आड़ में यमुना नदी से बड़ी मशीनों के जरिए अवैध खनन भी हो रहा था। इससे सड़कों पर धूल के साथ ही अवैध खनन से किसानों की भूमि के कटाव का खतरा बना हुआ था। क्रशर बंद कराने वालों में नारायण सिंह, नरेश रावत, नवीन सिंह तोमर, विपिन सिंह, बोबी सिंह, कपिल तोमर आदि शामिल रहे।