ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कुमाऊं क्षेत्र के बागेश्वर वन प्रभाग के बैजनाथ रेंज में लीसा कूप को वनाग्नि से बचाते समय जान गंवाने वाले लीसा श्रमिक नेपाल निवासी रियूटिया के परिजनों को चार लाख की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि पीड़ित परिजनों को फिलहाल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल दे दी गई है। इसके बाद परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर विचार किया जा रहा है। प्रमुख वन संरक्षक के अनुसार वनाग्नि की घटनाओं में अब तक 11 वनकर्मी भी झुलस चुके हैं। इस सभी वनकर्मियों की हालत फिलहाल ठीक है।
‘क्लाउड सीडिंग’ से रोकी जाएगी जंगलों की आग
साल दर साल बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर वन विभाग परंपरागत विभागीय तरीकों के साथ ही विदेशों की तर्ज पर ‘क्लाउड सीडिंग’ (कृत्रिम बारिश) के जरिए आग पर काबू पाने की योजना पर काम कर रहा है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि इस संबंध में सऊदी अरब के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया है। सऊदी के अलावा कई अन्य देशों ने भी ‘क्लाउड सीडिंग’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। योजना को धरातल पर उतारने के लिए सऊदी अरब समेत क्लाउड सीडिंग तकनीकि अपनाने वाले देशों के विशेषज्ञों से मदद ली जाएगी।