ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पर्यटन सीजन में मसूरी जाने के लिए बसों में मारामारी बरकरार है। इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त बसें नहीं चलाई जा रही हैं। इससे देश विदेश से दून पहुंचने वाले पर्यटक परेशान हो रहे हैं और टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति पहाड़ पर जाने वाले वाहनों की है।
मसूरी के लिए मौजूदा समय में 22 बसें संचालित हो रही हैं। बसें रोजाना 90 ट्रिप (आना-जाना) चक्कर लगा रही हैं, लेकिन पर्यटकों की संख्या के मुकाबले बसों की संख्या नाकाफी है। रविवार को भी मसूरी बस अड्डे पर काफी भीड़ रही। पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोग भी मसूरी के लिए बस पकड़ने पहुंचे थे, लेकिन बसों में सीट मिलने से काफी परेशानी उठानी पड़ी। यही स्थिति पहाड़ पर जाने वाली बसों की भी रही। इसके चलते लोगों को टैक्सी चालकों को मोटा किराया भरना पड़ा। बस अड्डे के कर्मचारी कई बार अतिरिक्त बसों की मांग कर चुके हैं। बावजूद अभी रोडवेज प्रबंधन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
रोडवेज के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन कहना है चारधाम यात्रा के लिए अतिरिक्त बसें चलाने के कारण मसूरी रूट पर केवल चार बसें ही अतिरिक्त लगाई जा सकी हैं। मौजूदा बसों के ही फेरे बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा।