यूपी में जांच शुरू होने से पिटकुल अफसरों में हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बिजली कंपनियों के लिए उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर बनाने वाली निजी कंपनी आईएमपी की ओर से यूपी में आपूर्ति किए गए ट्रांसफार्मराें की जांच शुरू किए जाने के बाद पिटकुल के अफसरों में भी हड़कंप मच गया है। पिटकुल अफसरों, अभियंताआें को भी इस बात का डर सताने लगा है कि कहीं पीएमओ के आदेश पर उत्तराखंड में भी ट्रांसफार्मरों की जांच न शुरू करा दी जाए। पीएमओ के निर्देश पर यूपी में प्रकरण की जांच संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी से कराए जाने के बाद शनिवार को दिनभर पिटकुल मेें अफसरों में कानाफूसी होती रही।
उत्तराखंड में पिटकुल की ओर से खरीदे गए आईएमपी कंपनी के ट्रांसफार्मरों की जांच की मांग को लेकर अशोक नामक व्यक्ति की ओर से पीएमओ में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीएमओ को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि पिटकुल अधिकारियों व अभियंताओं ने निर्धारित प्रावधानों को दरकिनार कर आईएमपी कंपनी से ट्रांसफार्मरों की खरीद की। अधिकारियोें और अभियंताओं की करतूत का आलम यह रहा है कि एक ही अधिकारी ने एक ही दिन में जालंधर व गाजियाबाद में एक हजार ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण कर डाला। पीएमओ में की गई शिकायत में झाझरा पावर स्टेशन में दो साल पूर्व जलकर खराब ट्रांसफार्मर की जांच कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि आडिट विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में 41.21 करोड़ के ट्रांसफार्मर की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उल्लेखनीय है कि आईएमपी कंपनी की ओर से कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में विभिन्न क्षमता के 29 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।