ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। नैनबाग क्षेत्र में अनुसूचित जाति की बालिका से दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराने पहुंचे ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को पुलिस अधिकारियों को घेरने जा रहे थे। इसके लिए काफी संख्या में गुस्साए लोग एकत्रित भी हो गए थे। लेकिन, इससे पहले मामला तूल पकड़ता टिहरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इनके विरोध के सुरों को शांत कर दिया। उसके बाद पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों को कड़ी सुरक्षा के बीच क्षेत्र के लिए रवाना किया।
टिहरी के नैनबाग इलाके में बालिका से दुष्कर्म और दबंगों की ओर से घटना पर पर्दा डालने की कोशिश पर क्षेत्रवासियों में रोष है। पीड़ित परिजन पुलिस के साथ शुक्रवार तड़के बालिका का मेडिकल करवाने दून अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए समाज के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को काफी संख्या में दून अस्पताल पहुंचने को कहा। क्षेत्र के जबर सिंह और संदीप खन्ना का आरोप था कि क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों पर ज्यादती बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले क्षेत्र के एक युवक की पीटकर हत्या कर दी गई थी। अब समाज की बालिका से दुष्कर्म कर लिया गया है। आरोप लगाया कि इस घटना को भी कुछ लोग दबाने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन की आशंका पर पुलिस और एलआईयू भी सक्रिय हो गई। सोशल मीडिया पर एक बार तो सचिवालय कूच करने की भी अफवाह फैल गई थी। उसके बाद अधिकारियों ने दून अस्पताल के आसपास पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने इस संबंध में टिहरी पुलिस से बात कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। इसी बीच अस्पताल में क्षेत्र के ग्रामीणाें का जुटना भी शुरू हो गया था, लेकिन प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को दबोच लिया। उसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन करने का निर्णय स्थगित किया। इस पर पुलिस ने राहत की सांस ली और कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता और उनके परिजनों को वापस नैनबाग क्षेत्र के लिए रवाना किया।
दबंगाें पर दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित बालिका की मां चाहती है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि आरोपी ने पहले बच्ची को बहला-फुसलाकर दुकान के अंदर बुलाया और फिर दुष्कर्म कर डाला। चीख सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने बालिका को आरोपी के चुंगल से मुक्त कराया। आरोप लगाया कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय कुछ लोगों ने घटना को रफादफा करने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया।
क्षेत्र में बुझ नहीं पाई वैमनस्य की चिंगारी
देहरादून। नैनबाग क्षेत्र में दो पक्षों के बीच चल रही वैमनस्य की चिंगारी पूरी तरह बुझ नहीं पाई है। बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद एक बार फिर से उसे हवा मिल गई है। निसंदेह पुलिस ने समय रहते आरोपी की गिरफ्तारी कर चिंगारी को भड़कने से बचा लिया।
नैनबाग के बसाण गांव निवासी जितेंद्र की एक शादी समारोह में कुछ दबंगाें ने पिटाई कर दी थी। आरोप था कि जितेंद्र ने उनके सामने कुर्सी पर बैठकर खाना खाने की हिमाकत की थी। पिटाई के बाद उसे अस्पताल भर्ती कराया गया था। जहां पांच मई को उसकी मौत हो गई थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण विसरा संरक्षित किया गया था। इस मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को आरोपित किया था। ग्रामीणों की योजना जितेंद्र के शव को सीएम आवास के अंदर रखने की थी। सही समय पर भनक लगने पर पुलिस ने ग्रामीणों को कोरोनेशन अस्पताल में घेर लिया था। कई घंटे के हंगामे के बाद ग्रामीण शव को गांव ले जाने को राजी हुए। बाद में ग्रामीणों ने कैंपटी थाने पर हंगामा किया था। बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद फिर माहौल गरमा गया था। पुलिस ने जितेंद्र की मौत के मामले की तरह दुष्कर्म प्रकरण में भी हीलाहवाली नहीं बरती और आरोपी की गिरफ्तारी कर विरोध के स्वर दबा दिए।
नार्को टेस्ट कराने की मांग
देहरादून। भाई जितेंद्र की मौत के मामले में बहन पूजा ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर एक और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि भाई से मारपीट करने में एक और युवक का नाम सामने आ रहा है, जो घटना के बाद से गायब है। एसएसपी से आरोपी को पकड़कर नार्कों टेस्ट कराने की मांग की गई है, ताकि पूरा सच सामने आ सके।