ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
द दून स्कूल में चल रहे ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के तहत बृहस्पतिवार को विभिन्न स्कूलों के 75 छात्र-छात्राओं ने शुक्लापुर स्थित हैस्को का भ्रमण किया। इस दौरान हेस्को के संस्थापक पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।
देशभर से आए छात्रों ने निदेशक पीयूष मालवीय, असद केजिलबाश, आबिया केजिलबाश, अंबिकेश शुक्ला, डॉ. अमर लंका, इंद्रजीत सिंह, जतिंदर तिवारी, मर्सीडीज, रवि कुमार के नेतृत्व में हैस्को गांव का भ्रमण किया। डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि मनुष्य और जानवरों में एक बड़ा अंतर ये है कि मनुष्य ही दूसरों के बारे में सोच सकता और दूसरों के लिए कर सकता है, लेकिन आज हम आत्मकेंद्रित हो गए हैं। आज दुनिया में उपलब्ध कुल पानी का 20 फ ीसदी हमने बेचने के लिए बोतलों में कैद कर लिया है। मिट्टी को हमने कीटनाशकों और रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से जहरीला बना दिया है। फिलवक्त दुनिया की 91 फ ीसदी आबादी वायु प्रदूषण की चपेट में है। हमारे देश के 14 प्रमुख शहरों को लोग जिनमें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, गाजियाबाद व गुड़गांव आदि शामिल हैं, जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। आने वाले समय में प्रकृति हमें माफ नहीं करेगी। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर हमारा संगठन हैस्को गांव के लिए काम करता है। इस दौरान डॉ. जोशी ने प्रकृति के विज्ञान को समझने के लिए युवा पीढ़ी का आह्वान किया।