दुर्गम से चंद शिक्षक ही आ पाएंगे सुगम
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे सभी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को इस वर्ष भी सुगम में आने का मौका मिलना मुश्किल लग रहा है। अधिकतम 10 फीसदी तबादलों की शर्त के चलते गिनती के शिक्षक ही सुगम आ पाएंगे। विभाग पहले सुगम से दुर्गम और अनुरोध के आधार पर तबादले करेगा।
अनिवार्य तबादलों की प्रक्रिया के अनुसार दुर्गम में पद भरे जाने के बाद ही सुगम के विद्यालयों में शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। विभागीय पोर्टल पर भी चार मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के विकल्प उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में वर्षों से दुर्गम में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की सुगम में आने की उम्मीदों को झटका लगा है। हालांकि विभागीय अधिकारी इसके लिए हाईकोर्ट के निर्देश और शासनादेश का हवाला दे रहे हैं।
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दुर्गम के विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन उन शिक्षकों के बारे में भी सोचा जाना चाहिए जो वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। हाईकोर्ट ने दुर्गम में शिक्षकों के पद भरने के अलावा भी कई निर्देश दिए थे। विभाग अन्य किसी निर्देश का पालन नहीं कर रहा है।
- डा. सोहन सिंह माझिला, महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ
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हाईकोर्ट के निर्देश और शासनादेश के अनुसार ही तबादला प्रक्रिया चल रही है। पहले दुर्गम के पद भरे जाने की व्यवस्था है। हम तय प्रक्रिया के अंतर्गत ही तबादला प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहे हैं। वैसे भी दुर्गम के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती होगी, तभी वहां पढ़ रहे बच्चों को फायदा मिलेगा।
- डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, शिक्षा