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कंडी मार्ग सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट, हर हाल में होगा निर्माण : वन मंत्री

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कंडी मार्ग सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट, हर हाल में होगा निर्माण : वन मंत्री
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के बफर जोन में निर्माणाधीन 11 किमी लंबे लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग के निर्माण को लेकर मचे घमासान के बीच वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा में वन, पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर तमाम पहलुओं पर चर्चा की। वन मंत्री ने सड़क निर्माण रोेके जाने को लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि कंडी मार्ग का निर्माण सरकार, सीएम के साथ उनका भी ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसका निर्माण हर हाल में होगा।
बैठक में वन मंत्री डॉ. रावत ने वन विभाग व पीडब्ल्यूडी के अफसरों से इस बात की जानकारी ली कि आखिरकार सड़क निर्माण में पेंच कहां हैं। अफसरों ने बताया कि प्रकरण की एनजीटी में सुनवाई की जा रही है। एनजीटी ने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। जबकि एनटीसीए ने प्रकरण की जांच को लेकर तीन सदस्यीय समिति गठित की है। जो जल्द ही राज्य के दौरे आने वाली है। इस पर वन मंत्री ने बैठक में उपस्थित मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला व पीडब्ल्यूडी अफसरों से कहा कि वे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि सरकार के स्तर पर निर्णय लेकर सड़क के निर्माण के संबंध में नया आदेश जारी किया जा सके।
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वन मंत्री डॉ. रावत ने अफसरों से कहा कि वे एनजीटी में प्रकरण की ठोस पैरवी करें ताकि सरकार के पक्ष में निर्णय हो। उन्होंने कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल सड़क का निर्माण होने से हरिद्वार से कोटद्वार की दूसरी 48 कम हो जाएगी और उत्तराखंड के लोगोें को उत्तर प्रदेश में नहीं दाखिल होना होगा। इसके अलावा जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व पार्क आने वाले पर्यटकों को भी परेशानियां कम होंगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव वन आनंदवर्धन, सचिव वन अरविंद सिंह ह्यांकी, उप सचिव वन सत्यप्रकाश सिंह, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला, नोडल अधिकारी भूमि स्थानांतरण वन विभाग डीजीके शर्मा समेत वन विभाग व पीडब्ल्यूडी के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।
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राज्य के दौरे पर आने वाली है उच्च स्तरीय जांच टीम
दूसरी ओर राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में लालढांग से लेकर चिल्लरखाल तक सड़क बनाए जाने के मामले में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी (एनटीसीए) ने उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति में एनटीसीए के सहायक महानिरीक्षक डॉ. राजाराम सिंह, केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त निदेशक वन्यजीव डॉ. आर गोपीनाथ व उत्तराखंड सरकार की ओर से नामित पीडब्ल्यूडी अधिकारी को शामिल किया गया है। उच्च स्तरीय जांच समिति तमाम पहलुओं की जांच कर एनजीटी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जांच समिति एक दो दिन में राज्य के दौरे पर आने वाली है तो तमाम पहलुओं जांच कर अपनी रिपोर्ट एनटीसीए को सौंपेगी।
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