तीन साल के बाद फिर आईआईटी दाखिलों की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस 372 अंकों की हुई। इससे पहले यह परीक्षा वर्ष 2016 में 372 अंकों की थी। परीक्षा में हर साल आईआईटी की ओर से सरप्राइज फैक्टर दिया जा रहा है। इस साल गणित के घुमावदार सवालों ने परीक्षार्थियों को मुश्किल में डाला।
वर्ष 2014 में जेईई एडवांस 360 अंकों की हुई थी। वर्ष 2015 में इसे बढ़ाकर 504 अंक का कर दिया गया। वर्ष 2016 में जेईई एडवांस की परीक्षा 372 अंक, जबकि 2017 में 366 अंक की हुई। गत वर्ष पेपर 360 अंकों का था। इस बार परीक्षा फिर 372 अंक की थी। जेईई एडवांस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग से भी कुछ हद तक राहत रही। दरअसल, पेपर 1 व पेपर 2 में आईआईटी ने 14 प्रश्न मल्टीपल च्वाइस वाले दिए थे। गत वर्ष तक इनमें दो अंक की नेगेटिव मार्किंग होती थी। जबकि इस बार इसे एक अंक कर दिया गया। इस स्थिति में छात्रों को फायदा होगा और उनके दाखिले की राह प्रबल हो सकती है।
नहीं आए पैसेज आधारित प्रश्न
गत वर्ष जेईई एडवांस में पैसेज आधारित प्रश्न आए थे। इस साल इस पैटर्न की तैयारी करने वाले छात्रों को झटका लगा। परीक्षा में पैसेज आधारित प्रश्न नहीं आए। वहीं, अभ्यर्थियों की काबिलियत परखने के लिए ऐसे प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर दशमलव के बाद के दो अंकों तक सही था। गत वर्षों में आईआईटी ऐसे सवाल पूछता था, जिनमें इंटीजर टाइप उत्तर सही होता था। प्रवेश परीक्षा विशेषज्ञ डीके मिश्रा ने बताया कि इस बार अगर उत्तर 7.95 आया है तो आईआईटी यह जानना चाहता है कि कितने छात्रों ने सटीक व डेसिमल में जवाब दिया है। परीक्षा विशेषज्ञ वैभव राय ने बताया कि इस साल 165 अंक तक कटऑफ रह सकती है।