उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिविजन) की प्रारंभिक परीक्षा में काशीपुर की चर्चित सायरा बानो के तलाक और हलाला के मामले में प्रश्न पूछे गए थे। पीसीएस (जे) परीक्षा में पूछा गया था कि सायरा बानो बनाम भारत संघ (2017) का वाद किस विषय से संबंधित है। गैर प्रांतों से परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों ने बताया कि उनको इस प्रश्न से संबंधित मामले की जानकारी नहीं थी। वहीं, हलाला जैसे ज्वलंत मुद्दे पर सवाल पूछे गए थे।
अल्मोड़ा के अमित जोशी ने बताया कि परीक्षा में सर्वाधिक प्रश्न हिंदू मैरिज एक्ट, मुस्लिम लॉ, संपत्ति से संबंधित धाराओं के बारे में पूछे गए थे। हल्द्वानी की गुंजन भट्ट ने बताया कि प्रश्न पत्र में कई वाद पर आधारित प्रश्न पूछे गए। दिल्ली से आई चांदनी जोशी ने बताया कि परीक्षा में अधिकतर प्रश्न हाल के मुद्दों पर थे। भोपाल से आए सुनील धाकड़ ने कहा कि प्रश्न पत्र काफी सरल था। रामनगर की पूजा रावत ने बताया कि कई सवाल चर्चित मुद्दों पर थे। वहीं, चंडीगढ़ से आए करन सिंह ने भी इसी बात को दोहराया।
बहेड़ी की अमीना ने कहा कि वह पिछले चार सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं, उन्हें सफलता की पूरी उम्मीद है। जोशीमठ की सुरभि साह ने बताया कि काफी दूर से परीक्षा देने आई हूं। उम्मीद है सफल होउंगी। लखनऊ से आईं शिवानी सिंह ने कहा कि परीक्षा केंद्र के कारण हल्द्वानी शहर को देखने का भी मौका मिला।
सायरा बानो उत्तराखंड का चर्चित नाम
काशीपुर निवासी सायरा बानो तीन तलाक के खिलाफ सबसे मुखर आवाज बनकर उभरीं थी। सायरा ने 2001 में परिवार की मर्जी से प्रयागराज के रिजवान अहमद से निकाह किया। 2015 में रिजवान ने उसे काशीपुर भेज दिया। वह कुछ समय बाद लौटा और बच्चों को साथ ले गया। अक्तूबर 2015 में रिजवान ने उससे प्रापर्टी के कागज भेजने के नाम पर उसे तीन बार तलाक लिखकर भेज दिया। इसके बाद सायरा ने अपनी कानूनी लड़ाई शुरू की थी। 22 अगस्त को तीन तलाक असंवैधानिक करार दिया गया। इसके साथ ही काशीपुर की सायरा नजीर बन गई।