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छह के दम पर माला का फिर परचम

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। लोकसभा चुनाव में टिहरी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह ने 3,00,586 वोटों से जीत दर्ज की। उनकी जीत में संगठन ने अहम भूमिका निभाई है। यही वजह रही कि इन्होंने दूसरी बार चुनाव जीता। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इन्होंने 1,92,503 मतों से जीत दर्ज की थी। जबकि इस बार 3,00,586 वोटों से जीत दर्ज की। आइए जानते हैं कि वे छह प्रमुख कारण जिनकी वजह से टिहरी सांसद ने दूसरी बार परचम लहराया।
1. राष्ट्रवाद का मुद्दा : लोकसभा चुनाव से पहले पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गई राष्ट्रवाद की बात को स्थानीय भाजपाइयों ने जमकर भुनाया। इसके आगे विपक्ष के बेरोजगारी, महंगाई और राफेल आदि के मुद्दे पूरी तरह हवा हो गए।
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2. मोदी लहर : पार्टी रणनीतिकारों ने चुनाव रैलियों में पार्टी प्रत्याशी की बजाय प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में वोट करने की अपील की। मतदाताओं ने भी उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने लोकसभा सीट से खड़े किए गए प्रत्याशी के बजाय प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत सरकार के नाम पर वोट डाले।
3. मैं भी चौकीदार मुहिम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के चौकीदार चोर है के हमले के बाद ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन चलाया। जिसे बड़ी संख्या में जनता का समर्थन मिला। इस अभियान के चलते भी मतदाताओं ने कांग्रेस के बजाय भाजपा को वोट किया।
4. कांग्रेस में गुटबाजी : कांग्रेस में शुरुआत से ही गुटबाजी हावी रही। लोकसभा टिकट को लेकर भी बड़े नेताओं की नाराजगी सामने आई थी। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को उतारकर पार्टी ने चौंका दिया। वहीं, पूरे चुनाव में तालमेल व सामंजस्य का अभाव दिखा। पार्टी प्रत्याशी ने केवल विकासनगर और चकराता में ही फोकस किया। नतीजतन पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।
5. नोटबंदी और जीएसटी बेअसर : कांग्रेस को लग रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई नोटबंदी और जीएसटी को वह चुनाव में भुना लेगी। लेकिन, वह इस मुद्दे को नहीं भुना पाई। वजह जनता का प्रधानमंत्री के इस निर्णय के प्रति भरोसा है।
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6. मजबूत संगठन : भाजपा का मजबूत संगठन हर बार की तरह उसकी ताकत बना। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’, ‘पन्ना प्रमुख’ आदि के जरिये पार्टी ने घर-घर संपर्क कर मतदाताओं को आकर्षित किया। मतदान के दिन भी मतदान केंद्र के बाहर भाजपाई मौजूद रहे। उन्होंने मतदाताओं को अपने लैपटॉप के जरिये बूथ संख्या आदि के बारे में जानकारी दी। इन सब बातों का मतदाताओं के मन पर काफी असर पड़ा।
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