ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
साहिया। गर्मी बढ़ते ही जौनसार बावर परगने में पेयजल संकट गहराने लगा है। प्राकृतिक जल स्रोतों के सूखने और परगने में बिछी दशकों पुरानी पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
कालसी तहसील के नागथात अलसी, चामड़ी, मलेथा, सकनी, दातनू उत्पाल्टा, उपरौली, नेवी, कुरोली, पजिटिलानी, कोठी, सुरेऊ, भंजरा, देऊ, जामुवा की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीण इन दिनों पीने के पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। अलसी में ग्रामीण गांव से एक किमी दूर सड़क पर लगे हैंडपंप से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हैंडपंप नहीं होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट गहरा गया है।
जबकि, रुपोऊ, सिमोग, कोटा, अतलेऊ, कांडी, जड़ाना, लेल्टा, पाटा, अस्टाड़, जिसोऊ में प्राकृतिक स्रोतों के सूखने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। साथ ही चकराता तहसील के जगथान, सैंज, मंडाल, इंदरोली, कंदाड़, उदांवा, बुराइला, लेवरा, लोहारी, कंदाड़ गांवों में पेयजल लाइनें जर्जर होने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थानीय ग्रामीण सरदार सिंह, स्वराज सिंह, संतराम, मोनूदास, कलीराम, सोहन सिंह, रामप्रसाद जोशी, सतीश तोमर, ज्ञान सिंह चौहान, प्रताप सिंह तोमर, नारायण सिंह ने बताया कि हर साल गर्मी शुरू होने से पहले ही जल संस्थान और जल निगम के साथ ही तहसील प्रशासन से पेयजल लाइनों की मरम्मत कराने की गुहार लगाई जाती है, लेकिन उनकी समस्या को अनसुना कर दिया जाता है।
उधर, एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों में टैंकरों और घोड़े-खच्चरों से पेयजल आपूर्ति मुहैया कराने के निर्देश जल संस्थान और जल निगम अधिकारियों को दिए हैं। सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मुहैया करा दी जाएगी।