ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की ओर से किए गए विद्यालयों के कोटिकरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। शिक्षकों का आरोप है कि दुर्गम श्रेणी में शामिल विद्यालयों को सुगम श्रेणी में बदल दिया गया है। जबकि, कई जगहों पर एक ही परिसर में संचालित हो रहे दो विद्यालयों को अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है।
शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2004 में राजकीय जूनियर हाईस्कूल कुंजाग्रांट को उच्चीकृत कर हाईस्कूल में तब्दील किया गया था। उच्चीकरण के दौरान जूहा स्कूल को हाईस्कूल में मर्ज कर दिया गया, जिसके बाद से वहां कोई भी जूनियर हाईस्कूल संचालित नहीं है, लेकिन विभाग के दस्तावेजों में अभी भी जूनियर हाईस्कूल की मौजूदगी दर्ज है। विभाग की ओर से किए गए विद्यालयों के कोटिकरण में जूनियर हाईस्कूल कुंजाग्रांट को दुर्गम श्रेणी में दर्शाया गया है, जबकि वर्तमान में संचालित हो रहे हाईस्कूल को सुगम श्रेणी दी गई है। वहीं, हाईस्कूल के सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय कुंजाग्रांट को भी दुर्गम श्रेणी में दिखाया गया है। साथ ही कालसी ब्लॉक के हाईस्कूल दातनू को सुगम, प्रावि दातनू को सुगम दर्शाया गया है।
शिक्षकों ने बताया कि कालसी तहसील मुख्यालय से 30 किमी की दूरी पर हाईस्कूल दातनू, हाईस्कूल समाल्टा, हाईस्कूल पंजिया, हाईस्कूल धोइरा को सुगम की श्रेणी में रखा गया है। जबकि तहसील मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर स्थित राइंकॉ बैसोगिलानी को दुर्गम श्रेणी में रखा गया है। शिक्षकों ने तबादला प्रक्रिया शुरू होने से पहले कोटिकरण की अनियमितता दूर करने की मांग की है।
उधर, कालसी ब्लॉक के बीईओ आरएस राणा और विकासनगर ब्लॉक के बीईओ वीपी सिंह ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।