ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
आशाराम वैदिक इंटर कॉलेज में बुधवार को इंडियन सोसाइटी ऑफ डिजास्टर मीटिगेशन एंड मैनेजमेंट की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को भूकंप के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी गई।
आयोजक संस्था के निदेशक रघुनाथ सिंह ने बताया कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। हिमालयी राज्य होने के कारण यह सिस्मिक जोन में आता है। लिहाजा यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप आने पर घबराने और उत्तेजित होने के बजाय सावधानी बरती जानी चाहिए, जिससे खुद के साथ ही दूसरों की जान बचाई जा सके। भूकंप के झटके महसूस होते ही खुले स्थान पर जाना चाहिए। इमारत से बाहर आने के लिए लिफ्ट का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। घर के सभी बिजली स्विच बंद करने जरूरी हैं। भूकंप के दौरान पेड़ और बिजली के तारों से दूर रहना चाहिए। जब तक झटके जारी रहें तब तक एक ही स्थान पर रहना सही रहता है।
कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को मॉक ड्रिल से राहत कार्यों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल नेगी, एसके बिश्नोई, विभा, नीरज वर्मा आदि मौजूद रहे।