गौतम ऋषि की तपस्थली गंगभेवा बावड़ी में चल रहे पांच दिवसीय बैसाखी मेले के अंतिम दिन खरीदारी के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। क्षेत्र में गर्मी कम होने से लोग सुबह से ही मेले में आना शुरू हो गए। मेले के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों कृषि औजारों की खरीदारी की।
बृहस्पतिवार को मेले में पछवादून और हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि ज्यादातर लोगों ने कृषि औजार और मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी को ही तरजीह दी। वहीं, सौंदर्य प्रसाधन और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। बच्चों ने झूला, चरखी, निशानेबाजी सहित मनोरंजन के अन्य साधनों का लुत्फ लिया। अंतिम दिन खरीदारी करने को उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ से मेले में आए व्यापारियों ने भी राहत महसूस की है।
इससे पूर्व मेले के शुरुआती दिनों में गर्मी के चलते लोगों की मौजूदगी कम रही। जबकि पिछले दो दिन बारिश ने मेले की रौनक को फीका रखा। बेहट से आए कृषि औजारों के व्यापारी गुड्डू ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल बिक्री आधे से भी कम हुई है। वहीं, मिट्टी के बर्तनों के विक्रेता श्यामलाल ने कहा कि इस बार अधिकांश बर्तन उन्हें वापस ले जाने पड़ेंगे। हालांकि व्यापारियों ने माना कि अंतिम दिन हुई बिक्री से उन्हें कुछ राहत मिली है।