ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
कुल्हाल में अवैध खनन से राष्ट्रीय महत्व की शक्तिनहर को खतरा पैदा हो गया है। इस मामले में यमुना लिंक चैनल निर्माण खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता (ईई) ने डीएम देहरादून को पत्र लिखा है। फरवरी में केंद्रीय जल शक्ति अनुसंधान संस्थान पुणे के वैज्ञानिक भी इस पर नाराजगी जता चुके हैं।
अधिशासी अभियंता ने डीएम को लिखे पत्र में बताया कि ग्राम कुल्हाल के पास तहसील विकासनगर में यमुना नदी के बाएं तट पर खारा शक्तिनहर की सुरक्षा के लिए बने स्पर के मध्य एवं उनके आसपास खनन किया जा रहा है। इससे नहर की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। नहर के पानी से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की दो जल विद्युत परियोजनाओं से हर दिन 30 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। गैर वैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन से स्पर के टूटने की संभावना बढ़ गई है। इससे खारा शक्तिनहर की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। पत्र में यह भी कहा कि नदी में भारत सरकार के जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय व राष्ट्रीय हरित अभिकरण की ओर से जारी दिशा निर्देश के अनुसार ही खनन कार्य कराना उचित होगा। ऐसा नहीं किए जाने पर बरसात और बाढ़ के दौरान क्षेत्र में विकट परिस्थितियां पैदा हो सकतीं हैं।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी तिमली और तहसीलदार विकासनगर को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर अवैध खनन की गतिविधियों पर तत्काल अंकुल लगाने के निर्देश दिए हैं। मामले में उप निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई भोपालपानी देहरादून को भी अवगत कराया गया है। -कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम विकासनगर