साहिया। जौनसार बावर परगने अंतर्गत खत सिलगांव के ककाड़ी गांव में शिलगुर महाराज सोमवार को हरिद्वार से शाही स्नान कर लौटे। इसके बाद देव चिह्नों को दो माह कि लिए मंदिर के पास पीपल के पेड़ पर स्थापित किया गया।
स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक 12 साल में देवता हरिद्वार शाही स्नान को जाते हैं। शाही स्नान से लौटने के बाद देव चिह्नों को मंदिर के समीप पीपल के पेड़ पर स्थापित किया जाता है। जून में गांव में होने वाले जागड़े के दौरान देव चिह्नों को मंदिर में विधि विधान से स्थापित किया जाएगा। 12 साल बाद गांव में होने वाले जागड़े को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। मंदिर के पुजारी जवाहर सिंह भंडारी ने बताया कि 11 जून को शिलगुर देवता हिमाचल प्रदेश के चूड़धार शाही स्नान को जाएंगे। 13 जून को वापस गांव लौटने पर जागड़े का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान नारायण सिंह, दयाराम, पुजारी खुशीराम शर्मा, सियाराम शर्मा, खजान सिंह पंवार, दिलीप सिंह, विरेंद्र सिंह, अंतराम, गुमान सिंह, जयपाल सिंह, सुल्तान सिंह, सरदार सिंह, कुंदन सिंह, मातवर सिंह, खजान सिंह आदि मौजूद रहे।