ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी की तिमली रेंज अंतर्गत दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे पड़े मिले दवाइयों के जखीरे की जांच वन विभाग और धर्मावाला चौकी पुलिस ने शुरू कर दी है। दवाइयों को जंगली जानवरों के लिए नुकसानदायक मानते हुए वन विभाग ने पुलिस में तहरीर देकर सभी पक्षों की विस्तृत जांच की मांग की है।
तिमली रेंज की वन क्षेत्राधिकारी पूजा रावल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे पड़ी दवाइयों के साथ ही मिले कई प्लास्टिक बैग की भी पुलिस जांच कर रही है। वहीं धर्मावाला चौकी प्रभारी रंजीत खनेड़ा ने बताया कि दवाई निर्माता कंपनियों को नोटिस देकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी। सोमवार को वन विभाग अधिकारियों के साथ जांच के लिए धर्मावाला चौकी पुलिस कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और आवश्यक जानकारी जुटाई।
बता दें, कि रविवार को धर्मावाला से एक किमी की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और हरियाणा की निर्मित दवाइयों का जखीरा मिला था। सभी दवाइयां एक्सपाइरी डेट की दर्दनाशक मलहम हैं। जबकि, कुछ रैपर के अंदर से मलहम निकाला गया है।
सहसपुर थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि वन विभाग की ओर से तहरीर मिली है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। दवाइयों पर अंकित निर्माता कंपनी से पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि दवाइयां किस क्षेत्र में वितरित की गईं थीं।