मसूरी। फूलों की खुशबू और उनकी सुंदरता हर किसी का मनमोह लेती है, लेकिन जब बात ऐसे फूलों की हो जिनसे कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है तो हर किसी की जिज्ञासा बढ़ जाती है।
नगर में डॉ. ओम प्रकाश दुग्गल ट्रस्ट एवं हिमालय ज्योति समिति मसूरी की पहल पर रविवार को लेवेंडर कैमामाइल फूलों की खेती एवं व्यवसाय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सहायक फूलअधिकारी जम्मू कश्मीर अर्जुन सिंह परिहार, विशाखापट्टनम से आई सुश्री सानन सिंह, प्रोग्रेसिक किसान जम्मू कश्मीर भारत भूषण आदि ने सुगंधित फूलों की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक एफआरआई देहरादून डॉ. विनय वार्ष्णेय ने कहा कि प्रदेश की जलवायु इन पौधों के लिए अनुकूल है। लेकिन जागरूकता के अभाव में खेती नहीं हो पा रही है। मसूरी में लेवेंडर ओर कैमामाइल औषधीय फूलों की खेती कर रही डॉ. ज्योति मारवाह ने बताया कि लेवेंडर और कैमामाइल फूलों के तेल से मानसिक रोगी का उपचार, ब्लडप्रेशर, नींद न आना आदि बीमारियों का इलाज किया जा सकता है साथ ही अरोमा थेरेपी, स्किनकेयर, कॉस्मेटिक, सॉफ्टड्रिंक, बेकरी प्रोडक्ट आदि में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेवेंडर पुदीना की प्रजाति का फूल है और कैमामाइल को बबूने का फूल भी कहा जाता है ये फूल आपको शांत रहने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल चाय में भी कर सकते हैं। ये फूल खुशबू के साथ सेहत भी ठीक रखते हैं।
डॉ. मारवाह ने मसूरी में पहला अरोमा थेरेपी वेलनेस सेंटर खोलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये औषधीय पौधे कम पानी की भूमि में होता है व 15 साल में एक बार लगाया जाता है। इसका एक किलो तेल बीस हजार से अधिक कीमत पर बिकता है। इससे पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. ओम प्रकाश दुग्गल ने सेनोपसिस ऑफ द बायोग्राफी इन प्रेस पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन हिमालय ज्योति समिति के निदेशक मनोज रावत ने किया। इस मौके पर रमेश चमोली, सभासद जसोदा शर्मा, निर्मला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर अनूप, एडवोकेट संध्या ऐनी सहित सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज, मसूरी गर्ल्स इंटर कॉलेज, सेंटलारेंस हाईस्कूल, निर्मला इंटर कॉलेज के छात्र छात्राएं भी मौजूद रहीं।