ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर हरबर्टपुर से यमुनापुल तक हाईवे के दोनों ओर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इसे हटाने के लिए राष्ट्रीय मार्ग खंड लोनिवि देहरादून की ओर से 11 मार्च से अभियान शुरू किया जाना था, लेकिन कार्रवाई करने से पहले ही विभाग बैकफुट पर आ गया है।
विभाग के अधिशासी अभियंता जेएस रावत का कहना है कि विभाग की ओर से लोगों से बात कर उनसे अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया है। इन दिनों आचार संहिता लगी हुई है। इसके बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा। ऐसे में सवाल यह है कि क्या चुनाव आचार संहिता के दौरान नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण की छूट है?
पछवादून में हरबर्टपुर से यमुनापुल तक 16 किमी के दायरे में नेशनल हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण हैं। खासकर त्योहारी सीजन में फुटपाथ को पूरी तरह से घेर लिया गया है। हाईवे के दोनों ओर अस्थाई और स्थाई इस अतिक्रमण से दुघर्टनाओं का खतरा बना भी बना रहता है। सूत्रों की मानें तो राजनीतिक दबाव के चलते विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू करने से हाथ खड़े कर लिए हैं। वहीं, विभाग की ओर से अभियान को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि आचार संहिता के दौरान अभियान शुरू नहीं किया जा सकता।
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हमारे जेई और एई ने लोगों से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने को कहा है। अभी आचार संहिता लगी है, इस वजह से अभी अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। हमने अभियान को समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित किया है। आचार संहिता खत्म होते ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
- जेएस रावत, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय मार्ग खंड लोनिवि देहरादून