ब्यूरो/अमर उजाला, कालसी
ब्लॉक सभागार में वन विभाग ने पंद्रह फरवरी से शुरू होने वाले फायर सीजन की तैयारियों को लेकर कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में वनकर्मियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में चकराता वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी सुबोध काला ने कहा कि वन राष्ट्रीय संपत्ति हैं, इनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी किसी विशेष विभाग की न होकर प्रत्येक विभाग और लोगों की है। बताया कि 15 फरवरी से शुरू हो रहे फायर सीजन के लिए वन विभाग ने अपने स्तर से पूरी तैयारियां कर ली हैं और कर्मचारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, वन विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी के बगैर वनों की सुरक्षा संभव नहीं है।
वन क्षेत्राधिकारी बीडी सकलानी ने सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वनों को अग्नि से बचाने में सहयोग के लिए प्रेरित करें। तहसीलदार एसपी उनियाल ने वन अधिकारियों को तहसील प्रशासन की ओर से इस बारे में उचित सहयोग देने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने कहा कि तहसील प्रशासन, राजस्व पुलिस उप निरीक्षक के माध्यम से वनों में लगने वाली आग पर नजर बनाए रखेगा। इस दौरान कनिष्ठ उप प्रमुख खजान सिंह नेगी, प्रधान संगठन अध्यक्ष चरण सिंह चौहान, कमलनयन जखमोला, जीएस रावत, मेहरबान सिंह बिष्ट, रूप सिंह, सूर्यपाल सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।