ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
300 मेगावाट बहुउद्देशीय लखवाड़ बांध विकास समिति की यमुना पुल डिबोगी में आयोजित बैठक में परियोजना प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की। प्रभावित परिवारों ने कहा कि वर्षों बाद भी उन्हें अधिग्रहित भूमि का पूरा मुआवजा और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि इस परियोजना को शुरू नहीं करती है तो भूमि लौटाए या फिर इसका पूरा मुआवजा दे। समिति के अध्यक्ष बचन सिंह पुंडीर ने बताया कि वर्ष 1984-85 में उनकी भूमि, अन्य परिसंपत्तियों जैसे बाग-बगीचे, मकान, दुकानें, छानियां, गोशालाएं, घराट, पनचक्की, गूल एवं काश्त के पेड़ों का लखवाड़ बांध के लिए अधिग्रहण किया गया था। किसी कारण से वर्ष 1992 में परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया, लेकिन अभी तक प्रभावितों को पूर्ण भुगतान नहीं हुआ। बैठक में टिहरी गढ़वाल विकासखंड जौनपुर के दूधली-डिभोगी मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की मांग भी की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत तिमलियाल गांव के प्रधान सतपाल, ग्राम पंचायत पाली के प्रधान भरत सिंह रावत, ग्राम पंचायत सरतली के प्रधान आनंद सिंह, महिपाल पंवार, अजीत चौहान, रमेश पंवार, आनंद सिंह पुंडीर, रणवीर सिंह, विक्रम सिंह पंवार, रामपाल सिंह, राजेश पुबंडीर, महीपाल सिंह, संदीप, रितेश रावत आदि मौजूद रहे।