ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
जौनसार बावर में दो सप्ताह पूर्व हुई बर्फबारी के बाद बंद हुए मार्ग अभी तक नहीं खुल पाए हैं। इससे क्षेत्र की दस हजार से अधिक की आबादी गांवों में ही कैद है। यातायात ठप होने से ग्रामीण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की वस्तुओं का संकट गहराने लगा है।
शनिवार को लोक निर्माण विभाग ने कोटी-बिनसोन, रजाणू-फनार, डिरनाड़-पुरटाड़ मोटर मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया। इसके बावजूद चकराता-त्यूनी हाईवे सहित दस मुख्य मार्ग अभी तक नहीं खोले जा सके हैं।
क्षेत्र के चकराता-त्यूनी हाईवे, भूट-फनार, लोखंडी-पिपारा-मीनस, कोटी-कनासर-बुल्हाड़, डुंगरी-पैनुवा, अमराड़-झबराड़, कथियान-डांगुठा, चकराता-खंडबा, लोखंडी-लोहारी मार्ग बंद होने से लोगों के सामने दैनिक उपयोग के सामान का संकट पैदा होने लगा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों को हो रही है, जो नियमति जांच एवं टीकाकरण के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांव में किसी के बीमार पड़ने पर ग्रामीणों को बर्फ में कई किमी पैदल चलकर मरीज को अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। साथ ही ग्रामीणों की नगदी फसलें बर्फ में दबकर खराब होने लगी हैं। एसडीएम चकराता अपूर्वा सिंह ने बताया कि संबंधित विभागों को बंद मार्ग खोलने के लिए त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।