- जौनसार बावर में बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक
- क्षेत्र में 24 से अधिक मार्ग बंद, लोखंडी और लोहारी में पेयजल लाइनें जमी
ब्यूरो/अमर उजाला
चकराता/साहिया। जौनसार बावर और पछवादून के लोखंडी और चकराता में बुधवार को भी बर्फबारी हुई। दोपहर एक बजे तक लोखंडी में तीन और चकराता में सवा दो फीट तक बर्फ की चादर जम गई। क्षेत्र में बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता और लोखंडी पहुंच रहे हैं। बर्फबारी से क्षेत्र के 24 से अधिक मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं, लोहारी और लोखंडी में पेयजल लाइनें जम गईं हैं।
जोड़ी, देववन, मागटी, चुरानीडांडा, वैराटखाई आदि क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। वहीं, क्षेत्र के लाखामंडल में हल्की बर्फ की फुहारें गिरी हैं। साथ ही मंगरोली और डूंगीयार छानी में 20 साल बाद बर्फबारी हुई। चकराता और आस पास के क्षेत्रों में बर्फबारी की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, देहरादून आदि क्षेत्रों से आए पर्यटकों ने लोखंडी, मुंडाली, कथियान, देववन, प्यूनल, डेरसा, भरम, कुनैन, लोहारी, बुधेर टॉप आदि क्षेत्रों में बर्फबारी का लुत्फ उठाया। देहरादून से आए अमित जायसवाल, अंशुल जैन और प्रशांत भसीन ने बताया कि वह लोग पिछले काफी समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। बच्चों में भी बर्फ गिरते देखने की काफी उत्सुकता दिखी।
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बर्फबारी से ये मार्ग बंद
जौनसार बावर में पिछले दो दिनों से हो रही बर्फबारी के कारण चकराता-त्यूनी, चकराता-मसूरी, चकराता-कालसी, चकराता-लाखामंडल, पुरोड़ी, रावना, डामटा, कालसी, बैराटखाई, चकराता-खारसी, चकराता-देववन, लोहारी, लोखंडी, चकराता-लागापोखरी, पुरोड़ी, टुंगरा, रिखाड़, मोहना, बिरमौ, हयो टगरी सहित 24 से अधिक मार्ग बंद हो गए। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। तहसीलदार चकराता केएस नेगी ने कहा कि बंद मार्गों को खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। लोनिवि के अधिकारियों को जल्द मार्ग खुलवाने के लिए कहा गया है।
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बर्फ ने बढ़ाई लोगों की दुश्वारियां
क्षेत्र में जमी बर्फ ने लोगों की दुश्चारियां बढ़ा दीं हैं। चकराता में दोपहर बाद सूरज निकलने से लोगो को ठंड से कुछ राहत मिली। लेकिन, मोटर मार्ग में बर्फ जमने से लोगों को चकराता से 10 किमी पहले तनदावा में ही रुकना पड़ रहा है। बर्फ में फिसलन से दुर्घटना का भी खतरा बना है। बुधवार को एक पर्यटक की इनोवा कार बर्फ में फिसल गई। गनीमत यह रही कि कार खाई से नीचे नहीं गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
साहिया। जौनसार के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को हुई ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की गेहूं और जौ की फसल बर्बाद हो गई। स्थानीय काश्तकार परम सिंह, हाकम सिंह रावत, संतराम बिष्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान आदि ने बताया कि ओलाबृष्टी से मटर की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के बोहरी, खतासा कुरोली, समाल्टा, ददोली, माटला, नेवी, पाटा, बम्बराड, थैत्यो, डामटा, पानुवा, मलेथा, दातनु, बडनु, भुगतार सकनी कोठा-तारली, कनबुआ, ककाडी आदि गांवों में भी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उधर, कालसी उपजिलाधिकारी डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया की मौसम खुलते के बाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात राजस्व उपनिरीक्षकों को क्षतिपूर्ति के आकलन के लिए भेजा जाएगा।
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बर्फ पिघलाकर प्यास बुझा रहे लोग
साहिया। लोखंडी और लोहारी में भारी बर्फबारी के कारण पेयजल लाइनें जम गईं हैं। ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। लोहारी निवासी शेर सिंह चौहान, धूम सिंह चौहान, रमेश सिंह चौहान आदि का कहना है कि गांव के लिए जलसंस्थान की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी से जाम हो गई है, जिससे गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। गांव में दो से तीन फीट बर्फ जमी है।