ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मसूरी। बीते छह दिनों से चल रहे विंटर लाइन कार्निवाल का समापन रविवार को मां नंदा देवी की विदाई के साथ धूमधाम से हो गया। समापन अवसर पर संगम कला मंच के कलाकारों ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगीत बेडू पाको बारा मासा, मेरा बाजुरंगा... पर नृत्य प्रस्तुति दी। गढ़वाली गीतों पर विधायक गणेश जोशी व एसडीएम मीनाक्षी पटवाल के साथ पर्यटक भी जमकर थिरके।
विंटर लाइन कार्निवाल के समापन समारोह में मां नंदा देवी राजजात यात्रा का मनमोहक मंचन किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शहीद स्थल से किताबघर तक नंदा देवी की डोली यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों ने भी मां नंदा देवी के दर्शन कर नए साल की मंगलकामना की। संगम कला मंच के निदेशक हेमंत बुटोला ने बताया कि नंदा देवी मां पार्वती का रूप हैं और राजजात यात्रा मां पार्वती की विदाई के रूप में निकली जाती है जो भोले बाबा के निवास स्थान तक पहुंचती है। राजजात यात्रा एशिया की सबसे बड़ी पैदल यात्रा है जो उत्तराखंड के दुर्गम और सुगम रास्तों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हर 12 साल में पैदा होने वाला चार सींग वाला पर्वतीय भेड़ जिसे लोक भाषा में चोसिंगा खाडू कहा जाता है। उसी समय नंदा देवी राजजात यात्रा आयोजित होती है। राजजात यात्रा में एसएसपी निवेदिता कुकरेती, कोतवाल भावना कैंथोला, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, एसडीएम मिनाक्षी पटवाल, पालिका संभासद प्रताप पंवार, दर्शन रावत, नंदलाल, अनिल गोदियाल, पुष्पा पडियार, रूप चंद, संदीप राणा, नरेंद्र पडियार सहित बडी संख्या में पर्यटक शामिल रहे। इसके पहले मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही।