कर्णप्रयाग। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सोनला में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने कहा कि पहाड़ के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजन लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन हो सकते हैं। पारंपरिक व्यंजनों के होटल और रेस्तरां खुलें तो पहाड़ के उत्पाद देश विदेश के पर्यटकों तक पहुंचेंगे साथ ही यहां के उत्पादों की डिमांड बढ़ने से पहाड़ में उत्पादन भी सुधरेगा।
विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में सीडीओ पांडे ने सभी रेखीय विभागों को बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए ग्रामीणों और मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की आर्थिकी में सुधार लाने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक प्रकाश रावत ने लोगों को पारंपरिक उद्योगों की जानकारी दी। मुख्य कृषि अधिकारी डा. भास्कर ने उन्नत बीजों की बुआई, फसलों की रोगों से रोकथाम और उपायों की जानकारी दी। डेयरी विकास विभाग की डा. प्रिंसा नेगी ने पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। खंड विकास अधिकारी ने सहकारिता के व्यवसाय और सहकारिता की रूपरेखा के बारे में बताया। इस मौके पर सहायक परियोजना निदेशक पृथ्वीराज रावत, प्रशांत सूरी, आरएस नेगी और उमाशंकर बिष्ट सहित 12 संगठनों के 50 से अधिक लोग मौजूद थे।