ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रशासन शहर से अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है। बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग व पुलिस प्रशासन ने शहर की बजाए बाहरी क्षेत्र से तीन-चार अतिक्रमण हटाकर खानापूर्ति की। जबकि शहर के बीचों बीच पसरे अतिक्रमण को तोड़ने के लिए प्रशासन ने चुप्पी साध ली। व्यापारियों के विरोध के चलते शहर के बीचोंबीच अतिक्रमण हटाने से अधिकारी बच रहे हैं। इस प्रकार अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही का पहला दिन महज खानापूर्ति भर रहा।
बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अविनाश भारद्वाज, जेई यूसी गोयल, आईडीपीएल चौकी के प्रभारी राकेश चंद भट्ट और सब इंस्पेक्टर दीपक तिवारी ने आईडीपीएल से होते हुए सीमा डेंटल तक अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया। दो जेसीबी की मदद से प्रशासन ने आईडीपीएल, विस्थापित, आमबाग, सीमा डेंटल क्षेत्र में लगे खोखे को तुड़वाया। करीब दो दर्जन ठेलियां सीमा डेंटल कॉलेज के बाहर से हटाई गई। इन क्षेत्रों में लगे साइन बोर्ड को जेसीबी की सहायता से हटाया गया।
जमीनी स्तर पर नहीं हो रही कार्रवाई
एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने ऋषिकेश से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाये जाने के आदेश विभिन्न विभागों को दिए थे। आदेश के बाद लोनिवि, एचआरडीए, नगर निगम और एनएच के अधिकारियों की ओर से नोटिस के बाद चिह्नीकरण पर काम शुरू किया, लेकिन बीच में निकाय चुनाव के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब दस दिसंबर से चिह्नीकरण की कार्यवाही की जानी थी, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।