चकराता और लोखंडी की ऊंची चोटियों पर तीन इंच से लेकर एक फिट तक हिमपात
ब्यूरो/अमर उजाला
चकराता/साहिया। जौनसार बावर क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी की राह ताक रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। सुबह सात बजे मौसम के करवट बदलते ही कुछ देर हल्की बारिश के बाद चकराता, नागथात, कथियान आदि क्षेत्रों की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी होने लगी। कोटी कनासर, लौहारी और लोखंडी समेत आस पास की ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गईं। इससे तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई। वहीं, इस सीजन की पहली बर्फबारी से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। चकराता और लोखंडी की ऊंची चोटियों पर तीन इंच से लेकर एक फिट तक हिमपात हुआ है। इसके अलावा कालसी, साहिया, विकासनगर, हरर्बटपुर, डाकपत्थर, कटापत्थर आदि क्षेत्रों में सुबह पांच बजे हुई बारिश से मौसम ठिठुरन भरा हो गया।
यहां बर्फ से ढकीं चोटियां
मुंडाली, देववन, कथियान, प्यूनल, डेरसा, भरम, कुनैन, लोखंडी, कुराड़, कोटी कनासर, लोहारी, बुधेर, मोयला टॉप सहित कई स्थानों पर हिमपात हुआ है। चकराता बाजार में तीन इंच और ऊंची चोटियों में एक फिट से अधिक बर्फबारी हुई है। लोखंडी, शिलगूर चोटी व नगाह डांडा में जमकर बर्फबारी हुई।
हिमपात से ये मार्ग हुए बंद
जौनसार बावर में बर्फबारी के कारण चकराता-लोखंड़ी मार्ग, देववन-खडांबा-मुंडाली, बुधेर और मोयला टॉप मार्ग बंद हो गया है।
बारिश से फसलों को होगा फायदा
बारिश से मटर और गेंहू की फसल को फायदा होगा। खासकर जौनसार बावर क्षेत्र में फसलें बारिश पर निर्भर हैं। किसानों का कहना है कि बारिश उनकी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान परम सिंह बिष्ट, रण सिंह चौहान, भगत सिंह, सूरत सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेंहू के बजाए अधिकतर किसानों ने मटर की बुआई की है। बारिश नहीं होने से फसल खराब होने लगी थी। उद्यान प्रभारी साहिया डॉ. राम कुमार ने कहा कि बारिश से मटर का उत्पादन बढ़ेगा। वहीं, बर्फबारी सेब की फसल के लिए फायदेमंद है।