कर्णप्रयाग। नए परिसीमन के बाद नगर पालिका में शामिल हुए राड़खी गांव के 15 से अधिक परिवार डेढ़ साल से खतरे की जद में हैं। यहां वर्ष 2017 में बरसात के चलते गांव के ऊपर भारी मलबा आने से दो से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य नहीं होने होने से आसपास के परिवार खतरे की जद में हैं। यहां ग्रामीणों ने सुरक्षा कार्य करने के अलावा औद्योगिक परिक्षेत्र, पाडली, राड़खी गांव सहित चंडिका मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्य कराने की मांग की।
नगर पालिका कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि करीब तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले सिमली और आसपास के गांवों में सुविधाएं नहीं हैं। औद्योगिक परिसर में जहां पानी की समस्या है, वहीं नालियां, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, खेलकूद पार्क की सुविधाएं भी नहीं हैं। यही नहीं सिमली पुराना बाजार और राड़खी अनुसूचित बस्ती में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य नहीं हो पाए हैं। ग्रामीण जयदीप गैरोला, भगत नेगी, अरविंद नेगी, सुरेंद्र सिंह, ललित, धर्म सिंह रविंद्र खंडूड़ी आद दिन नगर पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन देकर मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है, जिस पर नगर पालिकाध्यक्ष दमयंती रतूड़ी ने कहा कि संपूर्ण नगर का विकास करने का प्रयास किया जाएगा। सिमली क्षेत्र के लोगों ने समस्याओं से अवगत कराया है, जिन पर प्राथमिकता के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।