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बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता

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गोपेश्वर। बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान सिर्फ प्रचार तक ही सीमित नहीं रहे। आम जन सहभागिता से इसे धरातल पर उतारना होगा।
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यह बात रविवार को अमर उजाला के अपराजिता:100 मिलियन स्माइल महाअभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में श्री नंदा देवी महिला लोक विकास समिति की सचिव डा. किरन पुरोहित ने कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में 90 फीसदी महिलाएं ल्यूकोरिया की बीमारी से त्रस्त हैं। छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन का ही उपयोग करना चाहिए। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
जीजीआईसी की एनएसएस की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. सुमन ध्यानी ने कहा कि आज भी पहाड़ की कई महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बनीं रहती हैं। रोज की भागदौड़ में हम घर से लेकर खेतों तक के सारे काम तो निपटा लेते हैं, लेकिन स्वयं की देखभाल में कोई रुचि नहीं रखते हैं। उन्होंने बालिकाओं को स्वच्छता और स्वास्थ का खास ध्यान रखने की सलाह दी। छात्रा हिमानी ने कहा कि समाज में भ्रूण हत्या की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए। गोष्ठी में छात्रा अंकिता, प्रियंका, लता, कनक, सुमन, जया, दीपा, प्रतिभा, नेहा, संगीता, किरन, दीपिका ने भी विचार व्यक्त किए।
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अमर उजाला का अपराजिता अभियान समाज में फैली कुरीतियों को दूर भगाने में सहायक सिद्ध होगा। अभियान से जुड़कर हम भी गांवों में महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर सकतीं हैं।
-रितू, छात्रा

पहाड़ में ऐसे अभियान की सख्त जरूरत थीं। महिलाओं और बालिकाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने की आवश्यकता है। यह अभियान उन्हें मजबूती प्रदान करेगा।
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-लता भट्ट, शिक्षिका
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