चमोली। क्षेत्र पंचायत दशोली की त्रैमासिक बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने हंगामा किया। कहा गया कि क्षेत्र पंचायत की बैठकें सिर्फ खानापूर्ति के लिए आयोजित की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। सदन में जनप्रतिनिधियों ने आधा घंटे तक बैठक नहीं चलने दी। ब्लाक प्रमुख प्रमिला सजवाण के समझाने और इस संबंध में जिले के आला अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पंचायत प्रतिनिधि शांत हुए।
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे से ब्लॉक सभागार में ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। जल निगम, उद्यान, कृषि, सिंचाई, बाल विकास, पीएमजीएसवाई, एनएच, लोनिवि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों के बैठक में न आने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने हंगामा किया। आधा घंटे तक बैठक बाधित रही। इसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो स्यूण गांव के प्रधान जगदीश सिंह रावत ने मेकोट-बेमरू सड़क की प्रगति के बारे में जब पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता तनुज कंबोज से पूछा गया तो वे जवाब नहीं दे पाए। इस पर ब्लॉक प्रमुख ने अधिकारियों को तैयारी के साथ बैठक में आने के लिए कहा। प्रधान संगठन के अध्यक्ष रविंद्र नेगी ने डीएम से निर्माणाधीन सड़क की जांच कराने, दोगड़ी-कांडई के प्रधान भगत कनियाल ने पलसारी-बमियाला सड़क की खस्ताहालत सुधारने, रांगतोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र पंवार ने करंटयुक्त बिजली के तारों को दुरुस्त करने, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिबोधनी खत्री ने सस्ते गल्ले की दुकानों में रसद आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु प्रदर्शनी लगाने की मांग उठाई। इस मौके पर बीडीओ रघुनाथ सिंह नेगी, एबीडीओ गोकुल सिंह, ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या प्रसाद हटवाल, जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत और तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ आदि मौजूद थे।