ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
जब तक जल है तब तक प्रयाग है, जल ही नहीं रहेगा तो धरती पर कुंभ कैसा और प्रयाग कैसा। जल के बिना नदियों के तटों पर बसे हमारे तीर्थ भी तो नहीं रह जाएंगे। इसलिए हमें जल को बचाने का पूरा प्रयास करना होगा।
यह बातें परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बुधवार को परमार्थ निकेतन में कहीं। इस दौरान विभिन्न देशों से पहुंचे अनुयायियों को आओ चलें कुंभ का संकल्प भी कराया। स्वामी चिदानंद सरस्वती और स्वामी मधुसूदन नायडू ने विश्वभर से पहुंचे अनुयायियों को आओ चलें कुंभ का संकल्प कराया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने कहा कि सभी धार्मिक व अन्य संस्थाएं मिलकर वैश्विक स्तर पर पर्यावरण व जल प्रदूषण की समस्याओं को दूर करने का प्रयत्न करें। स्वामी मधुसूदन नायडू ने कहा कि पूज्य सत्य साईं बाबा ने लव ऑल, सर्व ऑल, अर्थात सबको प्यार करो, सबकी सेवा करो’ का जो सूत्र दिया है उसे चरितार्थ करते हुए हम सभी आओ चलें कुंभ। इस मौके पर साध्वी भगवती सरस्वती सहित विभिन्न देशों से अनुयायी उपस्थित रहे।