देवाल। लोहाजंग-वाण मोटर मार्ग 142 दिनों से बंद पड़ा है। 15 जुलाई को मूसलाधार बारिश से इस सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा और दो पुल बह गए थे। तब से विभाग यहां सड़क का पुनर्निर्माण कर रहा है, लेकिन चार माह में विभाग अभी महज 170 मीटर सड़क ही बना पाया है। सड़क बंद होने से वाण की तरफ 14 वाहन अभी भी फंसे हुए हैं और लोगों को आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
15 जुलाई की आपदा से लोहाजंग-वाण मार्ग तीन सौ मीटर क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि लोनिवि ने इस रोड पर कुलिंग के पास एक बहे मोटर पुल की जगह वैली ब्रिज तैयार कर दिया है, लेकिन कुलिंग से वाण तक क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग पर विभाग कछुवा गति से काम कर रहा है। स्थिति यह है कि विभाग अभी तक महज 170 मीटर ही सड़क बना पाया है, जबकि विभाग के अफसरों ने 15 नवंबर तक सड़क खोलने की बात कही थी। वाण के क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा पहाड़ी ने बताया कि रोड बंद होने से लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से विभाग और प्रशासन इस सड़क को नहीं खोल पाया है। उधर लोनिवि के एई जीबी जोशी ने बताया कि वाण सड़क खोलने के लिए चट्टान काटी जा रही है। चट्टान काटने के लिए दो मशीनें लगी हुई हैं। एक माह में सड़क रोड खोल दी जाएगी।
खस्ताहाल मार्ग के निर्माण की उठाई मांग
कर्णप्रयाग। नैनीसैंण-कर्णप्रयाग और नारायणबगड़-भगोती-किमोली मोटर मार्ग खस्ताहाल होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग के एक किमी पर विगत वर्ष करोड़ों रुपये की लागत से सुधारीकरण का कार्य हुआ था, लेकिन खराब गुणवत्ता के कार्यों के चलते सड़क कई स्थानों पर धंस गई है। मनवीर सिंह रावत, पुष्कर सिंह रावत, मोहन लाल शाह, सरिता देवी आदि ने मोटर मार्ग के सुधारीकरण और निम्न गुणवत्ता परक कार्यों की जांच की मांग की है। जबकि नारायणबगड़-भगोती-किमोली मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त दीवारें और खस्ताहाल मोटर मार्ग दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। जयवीर कंडारी ने शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मोटर मार्ग की मरम्मत करने की मांग की है।