ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । अतिक्रमण विरोधी अभियान दोबारा शुरू होने की कवायद बाद विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। मंगलवार को नगर उद्योग व्यापार का प्रतिनिधिमंडल महामंत्री ललित मोहन मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारियों ने मेयर अनिता ममगाईं से भेंट की। उन्होंने नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में विभाग की ओर से किए गए चिह्नीकरण को निरस्त कर प्रमाणिक मानचित्र के आधार पर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों को संज्ञान में लेकर व्यापारियों ने नाली के ऊपर बने अतिक्रमण को स्वयं हटा दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व में विभाग की ओर से जो निशान लगाए गए थे उन पर विभाग के पास मूल नक्शा न होने के कारण विवाद उत्पन्न हो गया था। उन्होंने मांग की है कि विभाग किसी भी तरह की निशानदेही करने से पहले उस नक्शे की मूल कापी व्यापारियों के बीच रखे। उस मानचित्र के अनुसार ही अतिक्रमण को हटाया जाए। पूर्व में किए गए चिह्नीकरण को निरस्त किया जाए। यह चिह्नीकरण बिना किसी प्रमाणिक मानचित्र के आधार पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में कोई स्पष्ट पैमाना तय नहीं किया गया। उस दौरान अतिक्रमण अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा। कहा कि नगर की प्रथम नागरिक होने नाते व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एनएच अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए समान नियम लागू करने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने कहा कि घाट चौराहे से लेकर चंद्रभागा पुल तक 40 फीट और घाट चौराहे से हरिद्वार मार्ग तक 80 फीट का पैमाना निर्धारित किया जाए। इसमें व्यापारी स्वयं ही आगे आकर अतिक्रमण हटाने में अधिकारियों का सहयोग करेंगे। इस अवसर पर आशु अरोड़ा, अनिल ध्यानी, गोलू वेदी, नरेश बोहरा, विवेक तिवारी, सचिन अग्रवाल, वेदप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश मुलतानी, शेखजीत, कपिल कुुमार, सचिन अग्रवाल, कपिल आनंद आदि मौजूद थे।