ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही दूरियां भी स्पष्ट दिखने लगी हैं। इस अहम कार्यक्रम में स्थानीय विधायक और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल नहीं दिखे। सूत्रों के मुताबिक मेयर की ओर से उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं किया गया था। लिहाजा वे मौजूदगी को टाल गए। उधर, मेयर अनिता ममगाईं का तर्क है कि निगम अधिकारियों से मैंने कार्यक्रम के पूर्व ही विधायक और सांसद के निमंत्रण की पुष्टि कर ली थी। विधायक ने कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति भी दे दी थी। इसके बावजूद वे नहीं आए तो इसका मतलब है कोई जरूरी काम आ गया होगा।
रविवार को ज्यों ज्यों वीआईपी मेहमानों की आमद शुरू हुई लोगों की निगाहें मंच पर आसीन चेहरों पर टिकने लगीं। चर्चा का विषय रहा कि चुनाव के ठीक पहले और शपथ ग्रहण समारोह में स्थानीय विधायक के अनुपस्थित रहने के मायने क्या हैं? शपथग्रहण की घटना से दोनों खेमों का खिंचाव भी सतह पर आ गया है। शायद यही वजह है कि समारोह में करीब 10 हजार की भीड़ जमा होने की उम्मीद की जा रही थी मगर दर्शकों की संख्या इससे काफी कम थी। पीछे की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। हालांकि निगम की ओर से करीब आठ हजार कार्ड बांटे गए थे। मेयर अनिता ममगाईं को खुद अंदाजा था कि दस हजार से ज्यादा की भीड़ होगी।
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मैं आवश्यक कार्यवश दिल्ली चला आया। फिलहाल मेयर और सभी पार्षदों को मेरी ओर से बधाई। उम्मीद है कि सभी मिलकर चहुंमुखी विकास करेंगे।
- प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक व विधानसभा अध्यक्ष।
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स्थानीय विधायक निगम का पदेन सदस्य होता है। शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचना उनका कर्त्तव्य है। यदि नहीं आ सके तो इसके पीछे कोई आवश्यक कार्य रहा होगा।
- अनिता ममगाईं, मेयर ऋषिकेश।