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बिड़ला परिसर छात्र संघ विवाद, विवि प्रशासन के लिए गले की हड्डी

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श्रीनगर। गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव का विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। अब बिड़ला परिसर छात्रसंघ अध्यक्ष ने सभी मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के बाद ही पुनर्मतगणना कराए जाने की बात कही है। दूसरी ओर, जय हो छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि जल्द ही पुनर्मतगणना नहीं कराई गई तो उग्र आंदोलन होगा।
गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव विवि प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है। ग्रीवांस सेल व अपीलीय अधिकारी (कुलपति) के निर्देश के बावजूद पुनर्मतगणना नहीं करवा रहे हैं। कुलपति ने एक बार फिर सात दिसंबर तक पुनर्मतगणना के आदेश दिए हैं। इधर, अध्यक्ष पद पर जीते अभाविप के संदीप राणा ने सभी मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के बाद ही पुनर्मतगणना की बात कही है। संदीप राणा का कहना है कि मतदान प्रक्रिया सात सितंबर को पूर्ण हो गई थी, लेकिन मतपेटियां 24 सितंबर को सील की गई थी, लिहाजा उन्हें इस बीच की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई जाए, जिससे स्पष्ट हो कि मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई। राणा ने चेतावनी दी है कि यदि भौतिक सत्यापन किए बिना पुनर्मतगणना कराई गई तो विरोध किया जाएगा।
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जय हो छात्र संगठन ने जल्द पुनर्मतगणना न कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ऐसे में विवि प्रशासन यदि पुनर्मतगणना करवाता है तो उसे अभाविप के विरोध को झेलना होगा और यदि मतगणना नहीं करवाता है तो जय हो छात्र संगठन के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एन सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने रुख से विवि के कुलपति को अवगत करा दिया है।
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