ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। मुनिकीरेती कुंभ मेला पार्किंग से योग निकेतन तक प्रस्तावित थ्री लेन ब्रिज निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना पिछले पांच साल से अधर में लटकी है। निर्माण खंड इकाई नरेंद्र नगर ने बकाया बजट के लिए शासन को जो प्रस्ताव भेजा था वह दफ्तरों की धूल फांक रही है। नतीजा यह है कि अफसर अपनी धुन में मस्त हैं और आधी अधूरी परियोजना विकास के दावों का कलई खोल रही है।
राज्य योजना के अंतर्गत मुनिकीरेती में प्रस्तावित 274 मीटर लंबे थ्री लेन ब्रिज योजना कागजों पर 25 मार्च 2013 में उतरी। इसके लिए बाकायदा शासनादेश जारी किया गया। प्रारंभिक योजना के तहत इस ब्रिज का इस्तेमाल केवल पैदल यात्रियों के लिए होना था। बाद में इसे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए भी तैयार करने की योजना बनी। यदि यह योजना अमल में आती तो कुंभ मेला बस पार्किंग से योग निकेतन तक आवागमन बेहद सहज और सुचारु हो जाता। फिलहाल ऐसा आज तक नहीं हो पाया है।
इस योजना को पूरा करने के लिए 3345.53 लाख की लागत से हिलवेज कंट्रक्शन कंपनी से सरकार ने अनुबंध किया। कंपनी की ओर से 10 फरवरी 2014 में कार्य आरंभ किया गया। आधा निर्माण कार्य ही पूरा हुआ था कि बजट खत्म हो गया और प्रगति ठप हो गई। बकाया राशि जारी करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने शासन को प्रस्ताव भेजा। उक्त प्रस्ताव पर आज तक मंजूरी की मुहर नहीं लग पाई है। कई साल से शासन और पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी इकाई के बीच पत्राचार जारी है। वहीं इसके चलते ठेकेदार संस्था ने भी हाथपांव समेट लिए हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा भी हुई बेअसर
कांवड़ यात्रा के दौरान लक्ष्मणझूला व रामझूला पुल पर अत्यधिक दवाब पड़ जाने के कारण आवागमन दूभर हो जाता है। इसके समाधान को स्थानीय जन प्रतिनिधों ने थ्री लेन ब्रिज की मांग उठाई थी। लोगों की गुहार पर सितंबर 2018 में मुनिकीरेती में हुए एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आश्वस्त किया था कि निर्माणाधीन थ्री लेन ब्रिज का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। फिलहाल उक्त घोषणा को भी तीन महीने बीत चुके हैं, अमल के नाम पर ढाक के तीन पात ही हैं।
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थ्री लेन ब्रिज की योजना पहले पैदल आवागमन के लिए प्रस्तावित थी। बाद में इसे चार पहिया वाहनों के लिए प्रस्तावित किया गया। जो बजट शासन की ओर से जारी किया गया था उसमें ब्रिज का आधा काम ही हो पाया है। धनराशि जारी न होने से कार्यदायी संस्था ने काम रोक दिया है। विभाग की ओर से बाकाया बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, थ्री लेन ब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा।
श्याम लाल गोयल, एई निर्माण खंड, नेरेंद्रनगर