श्रीनगर। नवंबर में विद्यालयों में मात्र दो ही दिन कक्षाएं संचालित हुई है। ऐसे में विभाग की ओर से मासिक परीक्षा कराए जाने पर शिक्षकों व प्रधानाचार्यों ने नाराजगी व्यक्त की है। शिक्षकों का कहना है कि मासिक परीक्षा कराए जाने से दो कार्यदिवस और खराब हो रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह नीतिगत मामला है, जो उच्च स्तर से तय होता है।
नवंबर में शिक्षा विभाग की ओर से 26 व 27 को मासिक परीक्षा कार्यक्रम तय किया गया है, लेकिन शिक्षकों व प्रधानाचार्यों ने विभाग के इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। शिक्षक संघ व प्रधानाचार्य संघ का कहना है कि नवंबर में अवकाश व चुनाव ड्यूटी होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है। शिक्षक संगठन व प्रधानाचार्य संगठन ने विभाग के इस निर्णय को अव्यवहारिक बताया है। शिक्षकों का कहना है कि मासिक परीक्षा आयोजित कराने के बजाय शिक्षकों का शिक्षण कार्य करने का अवसर दिया जाए। वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी मदन सिंह रावत ने कहा कि यह नीतिगत मामला है, जो उच्च स्तर से तय होता है।