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शुगर नियंत्रण में रखना स्वयं रोगी के हाथ में

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मधुमेह का उपचार पूरी तरह से रोगी के हाथ में होता है। असलियत में मधुमेह के रोगी नियमित तौर पर दवा खाने व व्यायाम में लापरवाही बरतते हैं। इस कारण वह शुगर कंट्रोल नहीं कर पाते। यही कारण है कि लंबे समय तक बीमारी बनी रहती है। इससे बाद में कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। यह बात एम्स के नर्सिंग विभाग के मनीष शर्मा ने डायबिटीज एजुकेटर सर्टिफिकेट कोर्स के कार्यक्रम के दौरान कही।
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सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मधुमेह ग्रस्त रोगी के स्वयं की देखभाल आदि का प्रशिक्षण दिया गया। नर्सिंग विभाग के मनीष शर्मा ने कहा कि जिस व्यक्ति का शुगर कंट्रोल में नहीं आता है। उसका कारण भी वही व्यक्ति स्वयं है। उन्होंने कहा कि शुगर रोगी द्वारा नियमित तौर पर दवा न खाना तथा नियमित व्यायाम न करना ही शुगर को बढ़ाने में मदद करता है।
क्या खाएं, किससे करें परहेज
डायटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल ने बताया कि शुगर के रोगी को अधिक शुगर वाला भोजन मामूली मात्रा में लेना चाहिए। हरी सब्जियां, सलाद, गेहूं, चना व जौ मिश्रित आटे की रोटी का सेवन करना चाहिए। मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को चावल, आलू, केला, आम, तरबूज, खजूर आदि फलों से परहेज करना चाहिए। इन रोगियों को दिन में पांच से छह बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लेते रहना चाहिए।
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