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गजब : 11 बोगियों में सफर करते हैं महज पांच यात्री

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। एक तरफ रेलवे स्टेशनों में ट्रेनों की सीट को लेकर मारामारी हुई पड़ी है, वहीं दूसरी ऋषिकेश से हरिद्वार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन नंबर 54406 ऐसी है, जिसमें 11 बोगियों में महज पांच यात्री सफर कर अपने गंतव्य को पहुंचते हैं। ऋषिकेश और हरिद्वार में पर्यटकों की आमद को देखते हुए ट्रेन शुरू की गई थी। लेकिन ट्रेन का समय सही न होने के कारण जहां रेलवे को घाटा हो रहा है, वहीं यात्रियों को फायदा नहीं पहुंच पा रहा है। हालात ये हैं कि इसमें जीआरपी जवानों की भी तैनाती नहीं रहती है। इस ट्रेन में पूर्व में हत्या की वारदात भी हो चुकी है।
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ऋषिकेश-हरिद्वार रेल सेवा माह जून तक शाम के साढ़े सात बजे निकलती थी। इस रेल सेवा में यात्रियों की अच्छी खासी संख्या होती थी। इससे हरिद्वार से आगे जाने वाले यात्रियों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर अन्य ट्रेन आसानी से मिल पाती थी। जुलाई महीने से ऋषिकेश-हरिद्वार पैसेंजर रेल सेवा का समय बदलकर रात्रि दस बजकर बीस मिनट तय कर दिया गया। अब इस रेल सेवा को यात्री मिले नहीं मिल रहे हैं। असर यह हुआ कि इस ट्रेन से जाने वालों की संख्या घटकर नगण्य सी हो गई।
हरिद्वार जाते समय इस ट्रेन में रायवाला व मोतीचूर से असामाजिक तत्वों के सवार होने वारदात खतरा बना रहता है। पूर्व में हुई हत्या की एक घटना इसका प्रमाण भी है। इस वजह से भी देर रात चलने वाली इस रेल सेवा में महिला यात्रियों की संख्या न के बराबर रहती है। यह ट्रेन रात में करीब 11:30 बजे हरिद्वार पहुंचती है। वहां से आगे जाने वाले यात्रियों के पहुंचने तक जनता, मसूरी, हावड़ा एक्सप्रेस छूट चुकी होती है। ऐसे में हरिद्वार से आगे जाने वाले यात्री इस रेल सेवा का लाभ नहीं उठा पाते।
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21 बोगी से लैस हुई हेमकुंड एक्सप्रेस
ऋषिकेश। तीर्थनगरी से कटरा के लिये जाने वाली गाड़ी हेमकुंड एक्सप्रेस शुक्रवार से 21 बोगियों से लैस कर दी गई है। इससे पूर्व यह ट्रेन 18 बोगी से युक्त थी। नए जुड़े डिब्बे वातानुकूलित हैं। यह जानकारी स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने दी। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रही यात्रियों की आमद के मद्देनजर एसी बोगियों में इजाफा किया गया है।

कोट्स
ऋषिकेश-हरिद्वार पैसेंजर रेल सेवा में मुश्किल से पांच यात्रियों की आमद रहती है। इससे रेलवे को नुकसान हो रहा है। इस रेल के समय को बदलने को लेकर प्रस्ताव डीआरएम, कार्यालय मुरादाबाद को भेजा जा चुका है। चूंकि प्रस्ताव की यह प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है, इसलिये शेड्यूल बदलाव में विलंब हो रहा है।
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- आरपी मीणा, स्टेशन अधीक्षक।
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