ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
युवाओं के साथ ही बुजुर्गों और दिव्यागों में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा गया। चलने में अक्षम कई बुजुर्ग मतदाताओं को जहां उनके परिजन व्हीलचेयर पर बूथ लेकर आए, वहीं कई बुजुर्ग छड़ी का सहारा लेकर खुद ही पोलिंग बूथों तक पहुंचे। उनमें मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
दिनकर विहार निवासी 102 वर्षीय उमा देवी जब अपने परिजनों संग सेंग्विन स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर पहुंची तो उनके जज्बे को देखकर हर किसी की आंखे चमक उठीं। लाइन में लगे युवा मतदाता भी उमा देवी को टकटकी लगाए देखते रहे। उमा देवी ने बताया कि वह हर चुनाव में वोट डालने आतीं हैं। उनका कहना था कि वोट किसी को भी दें, मगर दें जरूर। भविष्य के लिए हमें आज वोट करना ही होगा। वॉर्ड-2 निवासी नूरजहां चल नहीं सकतीं। वह भी अपने परिजनों संग आशाराम (जूनियर) में बने मतदान स्थल पर मतदान के लिए पहुंची। सेंट पॉल स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर 101 वर्षीय रामदेई भी अपने पोते के साथ मतदान के लिए पहुंचे। उन्होंने कांपती हुई आवाज में कहा कि मतदान तो जरूरी है। हमने स्वर्णिम युग देखा है, चाहते हैं कि भावी पीढ़ियों के लिए वोट ऐसे ही युग का सृजन कर सके।
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पुलिस ने की मदद
विकासनगर। पोलिंग बूथों पर मतदान करने पहुंचे बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद के लिए मित्र पुलिस भी तत्पर दिखाई दी। पोलिंग बूथों पर पहुंचे बुजुर्गों और दिव्यागों को इन पुलिसकर्मियों ने वाहन तक लाने-ले जाने में भरपूर मदद की। पुलिसकर्मी बुजुर्गों का सहारा बन उन्हें पोलिंग बूथ तक ले गए और वोट के बाद वापस गेट तक छोड़ने आए। पोलिंग पार्टियों ने भी इन शतक वीरों को वोट डालने में मदद की।