ब्यूरो/अमर उजाला, सेलाकुई
लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए सिडकुल क्षेत्र में शुरू किया गया इंदिरा अम्मा भोजनालय सरकारी सिस्टम की उदासीनता के कारण बंद हो गया। बीते जून माह से इस भोजनालय में ताला लटका हुआ है।
भोजनालय के बंद होने से जहां लोगों को सस्ता भोजन नहीं मिल पा रहा है। वहीं, भोजनालय का संचालन करने वाले स्वयं सहायता समूह के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। 9 जनवरी 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सेलाकुई स्थित औद्योगिक क्षेत्र में इंदिरा अम्मा भोजनलाय की शुरूआत की थी। शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से शुरू किए गए इस भोजनालय में लोगों को 25 रुपये में भर पेट भोजन उपलब्ध कराया जाता था। औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिक और बाहरी लोग इस भोजनालय में भोजन किया करते थे। एक अनुमान के मुताबिक यहां पर रोजाना 400 से 500 लोग भोजन करने आते थे। स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष गीता मौर्य ने बताया कि भोजनालय को मदद के लिए एक साल से सब्सिडी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। स्वयं सहायता समूह के पास इसे बंद करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है।
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सिडकुल शुरू करेगा कैंटीन
सिडकुल के महाप्रबंधक एचआर नौटियाल ने बताया कि जिस जगह पर कैंटीन संचालित हो रही थी, वह जगह सिडकुल की है। सरकारी योजना होने के कारण कैंटीन से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था। अब जब कैंटीन बंद हो गई है तो सिडकुल इसे नए सिरे से शुरू करने की कवायद में जुट गया है। ई-टेंडरिंग के माध्यम से कैंटीन को शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे सिडकुल के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।