श्रीनगर। सेना के मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर के अधिकारी राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अधीन बेस अस्पताल श्रीकोट और मढ़ी कॉलोनी चौरास का निरीक्षण कर लौट गए। अधिकारियों ने अस्पताल को संचालित करने की दशा में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता परखी। अधिकारियों के रुख से लगा कि सेना प्रदेश सरकार के साथ बेस अस्पताल संचालन में सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
बताया जा रहा है कि सेना को पहाड़ में अस्पताल की जरूरत है, जिसमें सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को विशेष सेवाएं मिल सके, इसलिए सेना प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त रूप से अस्पताल संचालन में दिलचस्पी ले रही है। सैन्य अधिकारी रिपोर्ट उत्तरी कमान मुख्यालय को देंगे। विगत एक नवंबर को आर्मी इंजीनियरिंग कोर के कर्नल एन. सुंदरनन ने बेस अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसके बाद 12 नवंबर को सेना के इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर के अधिकारी दो दिवसीय दौरे में पहुंचे। सोमवार को उन्होंने बेस अस्पताल का निरीक्षण किया, जबकि मंगलवार को टिहरी जिले के मढ़ी चौरास में स्थित चिकित्सा शिक्षा विभाग की छह एकड़ जमीन का निरीक्षण किया। टीम अस्पताल में उपलब्ध जमीन से संतुष्ट नजर आई। टीम ने भविष्य में चौरास में आवास और मेस निर्माण की संभावनाएं तलाशी।
इससे पूर्व सोमवार देर शाम मेडिकल कालेज में संस्थान और सेना के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें सेना के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि अस्पताल के ड्रेनेज और बिजली व्यवस्था सुधारी जाएगी। सेना ने अस्पताल के पुराने 300 बेड भवन और नए 200 बेड भवन के संचालन में रुचि दिखाई। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विमल गुर्साइं और डा. सतीश कुमार ने अधिकारियों के समक्ष अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और जमीन का ब्योरा प्रस्तुत किया। भ्रमण में कमांड अस्पताल आगरा के बिग्रेडियर डा. प्रतीक मित्तल व मेजर डा. अजय त्यागी और इंजीनियरिंग विंग के कर्नल एन. सुंदरनन आदि शामिल थे।