कर्णप्रयाग। नंदासैंण पर्यावरण संवर्धन व पर्यटन विकास मेले के तीसरे दिन रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। मेले में द्रोपदी चीर हरण पर आयोजित नृत्य नाटिका आकर्षण का केंद्र रही। साथ ही मेले में हर वर्ष दिए जाने वाला शिक्षा ज्योति सम्मान इस बार जीईसी गौचर के प्रधानाचार्य कुशल भंडारी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय बैनोली की प्रधानाध्यापिका अंजना खंडूड़ी को दिया गया।
रविवार को सुबह मंच पर भूमियाल पूजा के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में पतंजलि समूह से जुड़ी महिलाओं ने द्रोपदी के चीर हरण पर बनी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। साथ ही जूनियर हाईस्कूल बैनोली और डुंग्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। तीसरे दिन मेले में मुख्य अतिथि रहे विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की पहल नंदासैंण से शुरू हुई है। इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह नेगी, तेजवीर कंडेरी, राजेंद्र सिंह सगोई, त्रिलोक सिंह खत्री, मुकेश नेगी, हरेंद्र सिंह चौधरी, गबर सिंह रावत, जगदीश प्रसाद, केदार नैथानी, मोहन सिंह भंडारी, सरिता कुंवर, कलम कोहली, लक्ष्मी रावत मौजूद थे।
जीआईसी चौरासैंण ने जीती वॉलीबाल प्रतियोगिता
कर्ण प्रयाग। नंदासैंण पर्यावरण संवर्धन, पर्यटन विकास मेले के तीसरे दिन आयोजित वॉलीबाल प्रतियोगिता में जीआईसी चौरासैंण विजेता और नंदासैंण उपविजेता रहे। 800 मीटर दौड़ के सीनियर वर्ग में सौरभ और निशा प्रथम, विक्रम और विजयलक्ष्मी द्वितीय तथा वीरेंद्र और कामिनी तृतीय रहे। कबड्डी के प्राथमिक बालक वर्ग में सन फ्लावर पब्लिक स्कूल प्रथम, एसजीआरआर देवलकोट द्वितीय और प्राथमिक विद्यालय चौरासैंण तृतीय रहा। बालिका वर्ग में एसजीआरआर देवलकोट प्रथम, प्राथमिक विद्यालय बैनोली द्वितीय और चौरासैंण तृतीय रहे। अंग्रेजी और हिंदी के सुलेख में हिमानी ने पहला स्थान हासिल किया।