श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित जलेथा गांव के जंगलों में प्रशासन ने पेड़ों की गिनती शुरू करवा दी है। पेड़ों की गिनती पूरी होने के बाद प्रशिक्षण एवं तकनीकी विभाग के माध्यम से वन विभाग को पेड़ों के कटान का प्रस्ताव जाएगा।
वर्तमान में एनआईटी उत्तराखंड श्रीनगर में स्थित पॉलीटेक्निक व आईटीआई के भवनों में अस्थायी रुप से संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी की भूमि अनुपयुक्त पाए जाने पर श्रीनगर से लगभग 18 किलोमीटर दूर जलेथा में भूमि चिहिृृत की है। यहां ग्रामीणों की 18.39 हेक्टेअर नापभूमि सहित 44.29 हेक्टेअर भूमि का चयन किया गया है। उक्त भूमि का प्रस्ताव विगत सितंबर माह में जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया था। एनआईटी के लिए चयनित भूमि का हस्तांतरण तकनीकी शिक्षा विभाग को होना है। इसी संबंध में गत 30 अक्तूबर को शासन के राजस्व अनुभाग में बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिला प्रशासन को सरकारी भूमि में पेड़ों की गिनती के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में इन दिनों जंगल में पेड़ों की गिनती की जा रही है। पेड़ों की संख्या पता होने पर छपान-कटान की कार्रवाई हो पाएगी। इस जंगल में चीड़ के पेड़ भारी मात्रा में हैं।
बैठक में नहीं आए एनआईटी के प्रतिनिधि
श्रीनगर। देहरादून में 30 अक्तूबर को संपन्न बैठक में एनआईटी उत्तराखंड का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। एसडीएम मायादत्त जोशी ने बताया कि बैठक में प्रतिभाग करने के लिए एनआईटी के निदेशक को भी पत्र भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई नहीं आया।