गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में रविवार से तीन दिवसीय बदरीश महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। महोत्सव में दिल्ली के कलाकारों द्वारा कृष्ण लीला, गोवर्द्धन पूजा और कृष्ण रास लीला मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
बदरीनाथ के टैक्सी स्टेंड पर महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और रविंद्र भट्ट ने महोत्सव का शुभारंभ किया। धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम अनेकता में एकता का संदेश देता है। यहां यात्राकाल में छह माह तक धार्मिक क्रिया कलाप निरंतर होने चाहिए। संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों और बदरीनाथ के वेदपाठियों ने स्वस्ति वाचन का पाठ किया। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ ज्योति विद्या मंदिर जोशीमठ और जीआईसी पांडुकेश्वर की छात्राओं ने स्वागत गीत के साथ किया। इसके बाद दिल्ली के रिवाइवल डांस ग्रुप के कलाकारों ने कृष्ण लीला, कंस मर्दन, गोवर्द्धन पूजा और कृष्ण रास लीला का शानदार मंचन किया।
लोक जागृति संस्थान कर्णप्रयाग के कलाकारों द्वारा जागर, लोक गीत और लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। इस दौरान कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका के माध्यम से भैरव देवता के 64 स्वरूपों का प्रदर्शन किया। लोक गायक जगदीश नैथवाल और दरवान नैथवाल ने हे भू बैकुंठ का स्वामी, जय-जय हो बदरीनाथ गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर उप जिलाधिकारी जोशीमठ योगेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी बीना नेगी, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, महिला मंगल दल अध्यक्ष रमा भंडारी, युवक मंगल दल अध्यक्ष कृष्णा भंडारी, सुनील तिवारी, विपिन तिवारी, श्याम लाल पंचपुरी, भाष्कर मोतीवाल आदि मौजूद थे।